नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले कुछ समय से चली आ रही तल्खी अब कम होती दिखाई दे रही है। दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन ने शुक्रवार से भारतीय नागरिकों के लिए सभी श्रेणियों में वीजा सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं। यह फैसला ऐसे वक्त में लिया गया है, जब हाल ही में तारिक रहमान ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली है। इसे उनकी पार्टी बीएनपी (BNP) की ओर से नई दिल्ली के साथ संबंध सुधारने की सकारात्मक पहल माना जा रहा है।
दिसंबर में चरम पर पहुंचा था तनाव
पिछले वर्ष दिसंबर में दोनों देशों के रिश्तों में आई गिरावट के बाद वाणिज्य दूतावास और वीजा सेवाओं पर रोक लगा दी गई थी। भारत-विरोधी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में व्यापक हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान अल्पसंख्यक हिंदुओं को भी निशाना बनाया गया, जिससे हालात और बिगड़ गए थे।
हालांकि, सत्ता परिवर्तन के बाद हालात में सुधार के संकेत मिले हैं। मुहम्मद यूनुस की विदाई और तारिक रहमान के नेतृत्व संभालने के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में नई उम्मीद जगी है। शुक्रवार सुबह से मेडिकल, पर्यटन समेत सभी श्रेणियों के वीजा फिर से जारी किए जाने लगे हैं। हालांकि, बिजनेस और वर्क वीजा पर पहले पूरी तरह रोक नहीं लगाई गई थी।
भारत भी करेगा जल्द बहाली
बांग्लादेश की पहल के बाद भारत की ओर से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह भी जल्द ही बांग्लादेशी नागरिकों के लिए सभी प्रकार की वीजा सेवाएं बहाल करेगा। फिलहाल मेडिकल और डबल-एंट्री वीजा जारी किए जा रहे हैं और जल्द ही यात्रा वीजा भी शुरू किए जाएंगे।
इसी कूटनीतिक पहल को आगे बढ़ाते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रतिनिधि के रूप में तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का पत्र सौंपते हुए रहमान को भारत आने का निमंत्रण भी दिया है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या तारिक रहमान अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए दिल्ली का रुख करेंगे। इससे पहले मुहम्मद यूनुस ने परंपरा तोड़ते हुए अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए चीन का दौरा किया था, जिससे नई दिल्ली में नाराजगी देखी गई थी।